आम लोगों को प्रभावित करने के लिए, जिससे आम लोगों का उस पर विश्वास बढ़े, समाज में उसकी बातें स्वीकार की जाएँ, समाज उसका अनुसरण करे। चुनाव आदि में आम लोग उसके पक्ष में हो जाएँ आदि।

(1) गोरोचन, सहदेवी और अधेड़ की जड़ को पीसकर चंदन तैयार करें। इस चंदन का 108 बार जाप करें और सभी को तिलक लगाएँ। जो कोई भी इस तिलक को देखता है, वह मोहित हो जाता है।

मंत्र : ॐ नमः कंदशिर विजयालिनी मालिनी सर्व लोक वशंकारी स्वाहा: सबसे पहले इस मंत्र का सवा लाख बार जाप करें और मंत्र का प्रयोग करें।

(2) ब्रह्मदण्डी, वच, कूट इन तीनों का चूर्ण बनाकर 108 बार मंत्र का जाप करके पत्ते में रखकर खिला दें, व्यक्ति मोहित हो जाता है।

(3) रविपुष्य के दिन सहदेवी लाकर छाया में सुखाकर चूर्ण बना लें। इसे पत्ते में रखकर और मंत्र से जिसे भी खिलाएँगे, वह वशीभूत हो जाता है।

(4) देवदाली और सरसों को पीसकर गोली बनाकर मुंह में रखकर मंत्र जाप करें और यदि आप उस व्यक्ति से बात करें या भाषण दें तो आम जनता प्रभावित होकर वशीभूत हो जाती है।

(5) इन सबका चूर्ण बना लें। अपनी अनामिका उंगली से रक्त लेकर उसमें मिला लें। फिर मंत्र पढ़कर तिलक लगाएँ, जो भी इसे देखता है, वह वशीभूत हो जाता है।

मंत्र : ॐ ह्रीं नमो मोहिन्या सर्व लोकांग वाश कुर्क हुन्दी स्वाहा"

(6) जिस व्यक्ति को आप वश में करना चाहते हैं, उसका नाम लें, मंत्र का सात बार जाप करें और एक कटोरी भोजन करें।

मंत्र : ॐ नमः फट विकट रूपिनी स्वाहा

ऐसा लगातार सात दिनों तक करने से वह व्यक्ति वशीभूत हो जाता है।

(7) सुदर्शन की जड़ - ॐ ह्रीं साह मे वशमन्य स्वाहा। इस मंत्र का 108 बार जाप करके इसे अपने दाहिने हाथ में बाँधने से वह व्यक्ति आपके पास जाते ही वशीभूत हो जाता है।

सर्वजन वशीकरण मंत्र

सर्वजन वशीकरण तंत्र

1) मंत्र : ॐ ताल तुम्बरी दह दह डरे भल भल, आन आंन हो हो हो हो हो काल कमानी कोट करिया, ऊंठाह तह ॥

विधि : प्रातः काल गाय के दूध में हंस पंख और कोचनी पुष्प का लेप बनाकर मंत्र जपकर अग्नि में आहुति दें तथा मन ही मन उसका ध्यान करके उसे वश में करें। परिणाम तुरन्त मिलेगा।

2) मंत्र : ૐ नमो आज्ञा गुरु का, राजा मोहु प्रजा मोहु मोहु प्रजा बिना, हनुमंत रूप में जगत को मोहु रामचन्द्र पर बिना गुरु की शक्ति मेरी भक्ति, फुरु मंत्र ईश्वर वाचाII

विधि : इस मंत्र का 21 दिनों तक प्रतिदिन 1000 बार जप करें। फिर चारों रास्तों की धूल लेकर गाँव के कुएँ में फेंक दें। सभी लोग वशीभूत हो जाएँगे। इत्र का 21 बार जप करके उसका तिलक लगाएँ। ताकि जब आप गाँव में जाएँ, तो सभी वशीभूत हो जाएँ।

3) मंत्र : ૐ नमो लोह का कोड़ा तिस मन्ह, हमारा जीव पेड़ ईश्वर कुंची ब्रह्म ताला, वहां बैठ गया हनवंत वीर रखवाला, राजा प्रजा अवे मर मर करंता, ते दुत्थु वीर पाय पा दंता, हाथ उठाओगे तो फूल खिलेंगे, मुंह बोलोगे तो जीभ खिलेगी, पैर उठाओगे तो पैर फूलेंगे, गुरु की सगत मेरी भगत फरो मंत्र ईश्वरोवाचा. गुरु की सगत मेरी भगत फुरो मंत्र ईश्वरोवाचा

विधि : होली, दिवाली या ग्रहण काल ​​में हनुमानजी पर तेल और राख चढ़ाकर पूजा करें। फिर इस मंत्र की एक माला जपने से मंत्र प्रभावशाली हो जाएगा। फिर नित्य कर्म करने के बाद इस मंत्र का आठ बार जाप करके अपने शरीर पर फूंक मारें, और जहाँ भी जाएँगे, सब वशीभूत हो जाएँगे।

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